अध्याय 51 द ट्रुथ इमर्जेस

नर्स ने ऑस्टिन को नापसंदगी भरी नज़र से देखा और कमरे से बाहर निकल गई।

एला की आँखें लाल-लाल हो रही थीं।

ऑस्टिन ने भौंहें चढ़ाईं। “मैं तो बस सच कह रहा हूँ।”

एला को लगा, उसे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं कि उसके शब्द कितने विनाशकारी हो सकते हैं। वह जब-जब बोलता, उसके हर शब्द एला के सीने में जैसे ताज़ा छुरा घुम...

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